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आमिर खान का मास्टरस्ट्रोक! ‘सितारे ज़मीन पर’ ने यूट्यूब पर छाई , OTT को छोड़ा पीछे

मिस्टर परफेक्शनिस्ट का नया दांव — फिल्म ने यूट्यूब पर थिएटर और OTT की तुलना में करीब 20 गुना ज्यादा बिज़नेस किया।

आमिर खान ने अपनी फिल्म ‘सितारे ज़मीन पर’ को यूट्यूब पे-पर-व्यू मॉडल पर रिलीज़ किया। इस प्रयोग से फिल्म ने थिएटर और OTT की तुलना में 20 गुना ज्यादा कमाई की। जानें क्यों चुना आमिर ने यूट्यूब और क्या होगा इसका भविष्य।

बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान सिर्फ अपनी एक्टिंग ही नहीं, बल्कि अपने प्रयोगों के लिए भी जाने जाते हैं। चाहे लगान जैसी पीरियड फिल्म हो या दंगल जैसी बायोग्राफिकल ड्रामा, उन्होंने हमेशा दर्शकों को नया अनुभव दिया है। लेकिन इस बार आमिर ने कुछ ऐसा किया, जिसकी किसी ने उम्मीद नहीं की थी।

आमिर खान ने अपनी हालिया फिल्म ‘सितारे ज़मीन पर’ को थिएटर या पारंपरिक OTT प्लेटफॉर्म की जगह यूट्यूब के पे-पर-व्यू मॉडल पर रिलीज़ किया। और सबसे दिलचस्प बात ये है कि इस प्रयोग से फिल्म की कमाई पारंपरिक प्लेटफॉर्म्स से कहीं ज्यादा हुई।

“20 गुना ज्यादा कमाई हुई” – आमिर खान

एक इवेंट के दौरान आमिर खान ने खुलासा किया कि सितारे ज़मीन पर को यूट्यूब पर रिलीज़ करने के बाद फिल्म ने उम्मीद से कहीं ज्यादा कमाई की। आमिर के मुताबिक:

“फिल्म ने यूट्यूब पर थिएटर और OTT की तुलना में करीब 20 गुना ज्यादा बिज़नेस किया। हमें लगा था कि रिस्क है, लेकिन ये डिसीज़न सही निकला।”

यानी साफ है कि आमिर खान ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बॉक्स ऑफिस और OTT से परे भी फिल्मों की खपत के नए रास्ते खुल सकते हैं।

क्यों चुना यूट्यूब?

पिछले कुछ सालों में OTT प्लेटफॉर्म्स जैसे Netflix, Amazon Prime और Disney+ Hotstar ने इंडस्ट्री में क्रांति ला दी है। लेकिन इन प्लेटफॉर्म्स पर फिल्मों के राइट्स बिकने और फिर सब्सक्रिप्शन मॉडल पर दर्शकों तक पहुंचने का तरीका हर फिल्म के लिए काम नहीं करता।

आमिर खान का कहना है कि यूट्यूब के पे-पर-व्यू मॉडल ने उन्हें सीधा दर्शकों तक पहुंचने का मौका दिया। यहां लोग सब्सक्रिप्शन लेने की बजाय सिर्फ उसी फिल्म के लिए भुगतान करते हैं जिसे वे देखना चाहते हैं।

इससे दो फायदे हुए:

1. फिल्म को ग्लोबल ऑडियंस मिली, क्योंकि यूट्यूब हर जगह उपलब्ध है।

2. राजस्व का बड़ा हिस्सा सीधे प्रोड्यूसर्स तक पहुँचा।

OTT और यूट्यूब का भविष्य

यह कदम बॉलीवुड ही नहीं, बल्कि पूरी एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के लिए संकेत है कि दर्शकों की आदतें बदल रही हैं। OTT प्लेटफॉर्म्स के लिए यह एक चुनौती है कि वे अपने मॉडल में बदलाव लाएं ।

ट्रेड एनालिस्ट्स का मानना है कि अगर यह प्रयोग सफल रहता है तो आने वाले समय में कई निर्माता-निर्देशक भी अपनी फिल्मों को यूट्यूब या अन्य पे-पर-व्यू प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज़ कर सकते हैं। हालांकि, इसमें रेवेन्यू-शेयरिंग और कंटेंट पायरेसी से जुड़े कुछ खतरे भी हैं। लेकिन अगर सिस्टम मजबूत रहा, तो यह मॉडल गेम-चेंजर साबित हो सकता है।

आमिर खान और OTT का रिश्ता

दिलचस्प बात यह है कि आमिर खान ने स्पष्ट किया है कि उन्हें OTT से कोई दिक्कत नहीं है। उन्होंने कहा:

“मेरे खिलाफ यह धारणा बनाई जा रही है कि मैं OTT के खिलाफ हूँ। ऐसा बिलकुल नहीं है। मुझे लगता है कि OTT ने फिल्म इंडस्ट्री को बहुत फायदा पहुँचाया है। लेकिन हर फिल्म के लिए सही प्लेटफॉर्म चुनना ज़रूरी है। सितारे ज़मीन पर के लिए यूट्यूब सही प्लेटफॉर्म था।”

आमिर खान ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि वे सिर्फ “अभिनेता” नहीं, बल्कि “ट्रेंडसेटर” भी हैं। सितारे ज़मीन पर को यूट्यूब पर रिलीज़ करके उन्होंने साबित कर दिया कि सिनेमा के वितरण के पारंपरिक ढर्रे से बाहर निकलकर भी सफलता हासिल की जा सकती है।

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