राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (NDA) के उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन भारत के 15वें उपराष्ट्रपति चुने गए। उन्होंने 752 में से 452 वोट हासिल किए, जबकि विपक्षी बी. सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट मिले।
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (NDA) उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन, भारत के 15वें उपराष्ट्रपति चुन लिए गए हैं। 9 सितंबर को संसद के दोनों सदनों में हुए मतदान में उन्होंने कुल 752 मान्य मतों में से 452 वोट हासिल किए। विपक्षी उम्मीदवार और सेवानिवृत्त सुप्रीम न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट मिले।
राज्य सभा के सचिव रिटर्निंग ऑफिसर पी.सी मोदी ने मतगणना के परिणाम घोषित किए और परिणाम के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राधाकृष्णन को बधाई दी। प्रधानमंत्री के कार्यालय ने राधाकृष्णन की संवैधानिक गरिमा और संसद के भीतर संवाद बढ़ाने की क्षमता की प्रशंसा की।
राधाकृष्णन ने इस चुनाव में NDA का समर्थन पाया; उनकी जीत को कई संसद में एनडीए की बहुमत लहर और कुछ प्रतिबद्ध दलों के क्रॉस-वोटिंग की रफ्तार से जोड़ कर देख रहे हैं। विपक्ष ने चुनाव परिणाम को स्वीकार करते हुए कहा कि राजनीतिक और वैचारिक लड़ाई जारी रहेगी।
व्यक्तिगत और राजनैतिक पृष्ठभूमि
सी.पी. राधाकृष्णन तमिलनाडु के दिग्गज बीजेपी नेता हैं, वे दो बार लोकसभा सदस्य रह चुके हैं। तमिलनाडु के राज्य बीजेपी के अध्यक्ष के रूप में कार्य कर चुके हैं। और हाल में महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में तैनात थे। उनके राजनैतिक सफर में आर.एस.एस से जुड़ी पृष्ठभूमि और संगठनात्मक अनुभव का जिक्र आता रहा है। उपराष्ट्रपति के पद पर उनके दायित्व में राज्यसभा की अध्यक्षता और संसद के कुशल संचालन शामिल होगा ।
क्या INDIA ब्लॉक से क्रॉस वोटिंग हुई ?
इस चुनाव में गुप्त मतदान के जरिए सांसदों ने अपने मत डाले। विश्लेषकों के अनुसार, राधाकृष्णन की जीत संसद में NDA की ताकत और कुछ दलों की क्रॉस-वोटिंग को दर्शाती है। वहीं विपक्ष को मिले 300 वोट यह संकेत देते हैं कि INDIA ब्लॉक भी मजबूती से समर्थन जुटाने में सफल रहा।
विपक्ष ने परिणाम को स्वीकार करते हुए कहा है कि राजनीतिक और वैचारिक संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। अब सबकी निगाहें राधाकृष्णन की नई भूमिका और संसद में उनके योगदान पर टिकी रहेंगी।