9 सितंबर को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव में एनडीए उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन को शुरुआती आंकड़ों में बढ़त मिलती दिख रही है। इंडिया ब्लॉक के सुदर्शन रेड्डी क्या टक्कर दे पाएंगे? जानिए पूरा विश्लेषण।
उपराष्ट्रपति चुनाव 9 सितंबर को है, एनडीए के पक्ष में स्पष्ट बहुतमत के संकेत मिल रहे हैं। ‘ क्या इंडिया ब्लॉक’ दे पाएगा चुनौती ?
भारत के उपराष्ट्रपति का चुनाव 9 सितंबर को होना है। शुरुआती गणनाओं एवं पार्टियों के संकेत के मुताबिक़ एनडीए के उम्मीदवार सी. पी. राधाकृष्णन को इस बार एडवांटेज हासिल होता दिख रहा है। यह चुनाव सदन के दोनों सदस्यों के समर्थन और राजनैतिक समीकरणों पर आधारित होगा।
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार विपक्षी ‘इंडिया ब्लॉक’ ने सुदर्शन रेड्डी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है और वे एनडीए के प्रतिद्वंदी के तौर पर चुनाव मैदान में हैं पर स्त्रोतों का कहना है कि फिलहाल संसद में एनडीए के सहयोगियों और समर्थनकर्ताओं की संख्या सी. पी. राधाकृष्णन की जीत की संभावनाओं को मजबूत कर रही है।
एनडीए के पक्ष में नंबर गेम मज़बूत, लेकिन सीक्रेट बैलेट के कारण मुकाबले में रोमांच बरकरार।
एनडीए और उसके सहयोगी दलों ने भारतीय राजनीति में पारंपरिक समन्वय दिखाते हुए वोट-बैंक और सदन के सदस्यों के रुख पर काम किया है। एनडीटीवी की कवरेज़ के मुताबिक राधाकृष्णन ने मीडिया से कहा कि ‘नंबर हमारे पक्ष में हैं’ और वे अपने सहयोगियों के साथ समन्वय कर जीत के लिए आश्वस्त दिखे।
विश्लेषक बता रहे हैं कि उपराष्ट्रपति का चुनाव सीधे तौर पर संवैधानिक पद की गरिमा और सदन के भीतर संतुलन का मुद्दा है, इसलिए कुछ पार्टियां सार्वजनिक तौर पर तटस्थ दिख सकती हैं पर संसदीय सदस्य स्थानीय और क्षेत्रीय दबावों के अनुसार अलग रुख अपना सकते हैं। वोटिंग सीक्रेट बैलेट के जरिए होती है, इसलिए आखिरी परिणाम तभी साफ होगा जब वोट गिने जाएंगे।
फिलहाल शुरुआती आंकड़ों और पार्टियों की सार्वजनिक बयानबाज़ी के आधार पर एनडीए को बढ़त दिखायी पड़ रही है। उपराष्ट्रपति पद के लिए मतगणना और संभावित नाटकीय मोड़ तभी स्पष्ट होंगे जब 9 सितंबर को वोट काउंट पूरा हो जाएगा।