Search

हज़रतबल दरगाह में उपद्रवियों ने तोड़ा था अशोक स्तंभ, अब फारूक अब्दुल्लाह क्या बोल गए

हज़रतबल दरगाह में उपद्रवियों ने तोड़ा था अशोक स्तंभ, अब फारूक अब्दुल्लाह क्या बोल गए

हजरतबल दरगाह पर अशोक स्तंभ तोड़े जाने की घटना पर फारूक अब्दुल्लाह ने कहा कि वहां पट्टिका लगाने की जरूरत नहीं थी। हालांकि उन्होंने उपद्रवियों की हरकत को गलत बताया। पढ़िए पूरी खबर

 

श्रीनगर : जम्मू कश्मीर के हजरतबल दरगाह पर अशोक स्तंभ तोड़े जाने की घटना पर अब नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूख अब्दुल्लाह की प्रतिक्रिया आई है। अब्दुल्लाह ने कहा कि उस पट्टिका को लगाने की कोई जरूरत नहीं थी।  उन्होंने याद दिलाया कि शेख अब्दुल्ला ने दरगाह को अल्लाह व पैगंबर को समर्पित मानते हुए कोई बोर्ड नहीं लगाया। प्रतीक चिह्न तोड़े जाने पर उन्होंने कहा कि यह ग़लत कदम था समाज ऐसी हरकतें बर्दाश्त नहीं करेगा।  इससे पहले केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू की भी  प्रतिक्रिया  इस मामले पर आई थी। उन्होंने इस कृत्य में शामिल लोगों को कड़ी निंदा की थी । सोशल मीडिया पर उन्होंने लिखा था कि हज़रतबल दरगाह शांति का प्रतीक है आस्था और एकता के इस स्थल पर पवित्र अशोक स्तंभ के तोड़े जाने की मैं भर्त्सना करता हूं।

हज़रतबल दरगाह में उपद्रवियों ने तोड़ा अशोक स्तंभ,क्या है दरगाह का पैगंबर मुहम्मद साहब से कनेक्शन

 

क्या हुआ था आखिर

दरअसल मिलाद उल नबी के मौके पर शुक्रवार को हज़रबल दरगाह में अशोक स्तंभ लगी एक शिला पट्टिका को कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा तोड़ दिया गया था।जिसके बाद विवाद बढ़ गया। घटना के बाद 26 लोगों की गिरफ्तारी की गई थी। घटना के बाद जम्मू कश्मीर वक्फ बोर्ड की अध्यक्ष दरख़्शां अंद्राबी ने इसे आतंकी कृत्य करार दिया था।

क्यों प्रसिद्ध है हजरतबल

जम्मू कश्मीर की हजरतबल दरगाह ,श्रीनगर में है। ऐसा कहा जाता है कि यहां पैगंबर मुहम्मद साहब का बाल रखा गया है। जिसे मोई ए मुकद्दस कहते है। इसको जम्मू कश्मीर की पवित्र दरगाहों में माना जाता है।बताया जाता है कि इस दरगाह के निर्माण का कार्य 17वीं शताब्दी में शुरू किया गया था।

संबंधित खबर पड़ें 

https://thelokdharma.com/blog/2025/09/07/hazratbal-ashok-stambh/

Leave a Comment

Your email address will not be published.