पूर्व पीएम इमरान खान ने जेल से पाकिस्तान सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर पर जनता का शोषण करने और अघोषित मार्शल लॉ थोपने का आरोप लगाया। साथ ही बलूचिस्तान विस्फोट और अफगानी शरणार्थियों की जबरन वापसी की निंदा भी की।
पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ़ (PTI) के संस्थापक और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने जेल से पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर पर जनता के शोषण का आरोप लगाया है। उन्होंने ये भी कहा कि देश के असली शासक असीम मुनीर हैं।
इमरान खान ने अपने X अकाउंट पर पोस्ट करते हुए कहा कि मुनीर आम जनता पर जुल्म ढा रहे है, ताकि वो पाकिस्तान पर लंबे समय तक अपनी हुकूमत कर सके। इमरान ने निशाना साधते हुए कहा देश पर अघोषित मार्शल लॉ थोप दिया गया जिससे सेना के मन में जो आ रहा है,वो वही कर रही है।
क्रिकेटर से राजनेता तक का सफर तय करने वाले इमरान खान पाकिस्तान की जेल में कैद है, उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सेना, चुनाव में धोखाधड़ी से सरकार में आने वाले शाहबाज शरीफ की कठपुतली बन कर काम कर रही है।
इमरान के आरोप
इमरान ने अपने X अकाउंट पर पाकिस्तान जनरल असीम मुनीर पर निशाना साधते हुए कहा की, ये लोग शाहबाज शरीफ के कहने पर मेरे कार्यकर्ताओं पर जुल्म ढा रहे है, उन्हें बेवजह के मुकदमों में फंसा कर उनको परेशान कर रहे है। असीम मुनीर अपने शासन को बढ़ाने के लिया आम जनता का शोषण कर रहे है। खौफ पैदा कर उनके हिम्मत को तोड़ रहे है। मुनीर एंड कंपनी ने जनता का जनादेश चुरा कर देश की हुकूमत पाई है।
मानसिक रूप से तोड़ने की कोशिश
इमरान ने आगे और भी आरोप लगाते हुए कि मुझे और मेरी बीवी बुशरा को इन्होंने ‘ एकांत कारावास ‘ में डाल दिया जिससे मेरा मनोबल टूट जाए। मुझे ये लोग मानसिक रूप से तोड़ना चाहते है, जिससे मैं अपनी विचारधारा छोड़ दूं, जिससे ये लोग जनता की आवाज दबा सके।
1971 से की तुलना
इमरान खान ने मौजूदा हालात को 1971 के हालात से जोड़ते हुए कहा कि देश में गृहयुद्र जैसे हालात पैदा कर दिए गए है। जब पूर्वी पाकिस्तान टूटकर बांग्लादेश बना तब उस वक्त जनरल याह्या ने भी जनता की आवाज दबाई थी। तब के और आज के हालात में अंतर इतना है कि अब के लोग ज्यादा जागरूक है। अब लोग सोशल मीडिया से तथ्यों और सच्चाई को समझने, सुनने,बोलने में सक्षम है। आगे उन्होंने कहा की ये दमनकारी व्यवस्था जल्द ही समापत होने वाली है।
बलूचिस्तान के बम विस्फोट की निंदा की
बलूचिस्तान में सरदार अताउल्लाह मेंगल की की पुण्यतिथि पर आयोजित एक रैली में बम विस्फोट की निंदा करते हुए इमरान ने कहा कि बलूचिस्तान को आतंकवाद और हाइब्रिड सिस्टम से आजादी दिलानी होगी। साथ ही उन्होंने अफगानी शरणार्थियों की जबरन वापसी पर नाराज़गी जताते हुए कहा कि उन्हें इस बात का बहुत दुख हुआ कि पाकिस्तानी सरकार हमारे अफ़गानी साथियों को जबरन देश से निकाल रही है। इस दुख की घड़ी में हम अपने साथियों के साथ मजबूती से खड़े है।