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हज़रतबल दरगाह में उपद्रवियों ने तोड़ा अशोक स्तंभ,क्या है दरगाह का पैगंबर मुहम्मद साहब से कनेक्शन

हज़रतबल दरगाह में उपद्रवियों ने तोड़ा अशोक स्तंभ,क्या है दरगाह का पैगंबर मुहम्मद साहब से कनेक्शन

 

जम्मू-कश्मीर की हजरतबल दरगाह पर अशोक स्तंभ तोड़े जाने की घटना पर केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अशोक स्तंभ तोड़ने वालों की आलोचना की और इसे आस्था और एकता के खिलाफ बताया।

श्रीनगर : जम्मू कश्मीर की हजरतबल दरगाह पर अशोक स्तंभ तोड़े जाने की घटना पर अब केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू की प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने इस कृत्य में शामिल लोगों को कड़ी निंदा की है। सोशल मीडिया पर उन्होंने लिखा कि हज़रतबल दरगाह शांति का प्रतीक है। आस्था और एकता के इस स्थल पर पवित्र अशोक स्तंभ के तोड़े जाने की मैं भर्त्सना करता हूं।

क्या हुआ था आखिर

दरअसल मिलाद उल नबी के मौके पर शुक्रवार को हज़रबल दरगाह में अशोक स्तंभ लगी एक शिला पट्टिका को कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा तोड़ दिया गया था।जिसके बाद विवाद बढ़ गया। घटना के बाद 26 लोगों की गिरफ्तारी की गई थी। घटना के बाद जम्मू कश्मीर वक्फ बोर्ड की अध्यक्ष दरख़्शां अंद्राबी ने इसे आतंकी कृत्य करार दिया था।

क्यों प्रसिद्ध है हजरतबल

श्रीनगर में स्थित हजरतबल दरगाह जम्मू-कश्मीर की सबसे पवित्र दरगाहों में से एक मानी जाती है। माना जाता है कि यहां पैगंबर मुहम्मद साहब का एक बाल रखा गया है, जिसे ‘मोई-ए-मुकद्दस’ कहा जाता है। यही वजह है कि यह स्थल श्रद्धालुओं के लिए खास महत्व रखता है।

इतिहासकारों के अनुसार, हजरतबल दरगाह का निर्माण 17वीं शताब्दी में शुरू हुआ था। इस दरगाह ने वर्षों से न केवल आस्था का केंद्र बने रहने का गौरव हासिल किया है, बल्कि यह श्रीनगर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान का भी हिस्सा है।

हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं और मोई-ए-मुकद्दस को निहारते हैं।

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