
मणिपुर में पिछले 855 दिन जारी जातीय हिंसा के बीच गुरूवार को शांति बहाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। मई 2023 में भड़की मैतेई और कुकी समुदायों की हिंसा के बाद से अब राष्ट्रीय राजमार्ग-2 पर आवाजाही सुचारु रूप से हो सकेगी जिसे दिल्ली में हुए एक त्रिपक्षीय समझौते के बाद शुरू किया जा रहा है। यह समझौता केंद्र सरकार, मणिपुर सरकार और कुकी संगठनों (कुकी नेशनल ऑर्गनाइजेशन-KNO और यूनाइटेड पीपल्स फ्रंट-UPF) के बीच हुआ।
इस मीटिंग के बाद कुकी-जो ( Kuki-Zo) काउंसिल समूहों के बीच सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस (SoO) नामक बॉन्ड पर हस्ताक्षर किए गए। फिलहाल यह समझौता सिर्फ एक वर्ष तक लागू होगा। इस समझौते में कुछ नई शर्तें भी जोड़ी गई हैं जिनके तहत इन तीनों पक्षों ने राज्य में शांति व्यवस्था की बहाली पर सहमति जताई है। समझौते के पालन की निगरानी के लिए एक संयुक्त मॉनिटरिंग समूह भी बनाया गया है, यह समूह समय-समय पर हालात की समीक्षा करेगा और अगर किसी पक्ष ने शर्तों का उल्लंघन किया तो कार्रवाई भी की जाएगी।
NH-2 खुलने से मणिपुर में राहत पहुंचने की उम्मीद
कुकी-जो समूहों ने लंबे समय से बंद पड़े नेशनल हाईवे-2 को खोलने की सहमति दे दी है। यह राष्ट्रीय राजमार्ग मणिपुर की राजधानी इंफाल को दीमापुर (नागालैंड) से जोड़ता है।
यह हाईवे मणिपुर को बाहरी राज्यों से जोड़ने वाली जीवनरेखा है। इसके खुलने से राहत सामग्री, दवाइयाँ और अन्य आवश्यक सामान विस्थापित परिवारों तक आसानी से पहुँच पाएंगे।
मणिपुर हिंसा की वजह…
मणिपुर की करीब 38 लाख आबादी में तीन बड़े समुदाय हैं—मैतेई, नागा और कुकी। मैतेई ज्यादातर हिंदू हैं और इंफाल घाटी में रहते हैं, जबकि नागा -कुकी ईसाई हैं और 90% पहाड़ी इलाके में बसे हैं। विवाद तब शुरू हुआ जब मैतेई समुदाय ने खुद को भी अनुसूचित जनजाति (ST) दर्जा देने की माँग की और हाई कोर्ट ने इसकी सिफारिश की। मैतेई का तर्क है कि वे मूल जनजाति रहे हैं और कुकी बाद में आकर बसे, जिन्होंने जंगल काटकर अफीम की खेती और हथियारबंद समूह बनाए।
वहीं नगा-कुकी का कहना है कि मैतेई पहले से ही राजनीतिक रूप से मज़बूत हैं, इसलिए ST दर्जा मिलने पर उनके आरक्षण और अधिकार और कमज़ोर हो जाएंगे। सरकारी आँकड़ों के मुताबिक अब तक 258 लोगों की मौत तथा 1500 लोग घायल हो चुके हैं और करीब 60,000 लोग विस्थापित होकर राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। मणिपुर हिंसा
मोदी ने कहा भारत टकराव नहीं, सहयोग चाहता है आखिर कितना कारगार होगा पीएम मोदी का चीनी दौरा!
क्यों भारतीय युवाओं की पहली पसंद बन रही है Live-in रिलेशनशिप ? जाने क्या है कानूनी प्रावधान ।
आखिर क्यों विवेक अग्निहोत्री को जोड़ने पड़े ममता बनर्जी के आगे हाथ ? कहाँ अटकी है बंगाल फ़ाइल्स
मणिपुर जा सकते हैं प्रधानमंत्री मोदी, सरकारी आकड़ों में अबतक 250 मौतें, 57 हज़ार विस्थापित