बिहार बंद : पीएम मोदी को गाली देने पर एनडीए का गुस्सा, तेज़ हुआ सियासी टकराव
पटना। बिहार की राजनीति गुरुवार, 4 सितंबर को पूरी तरह गरमा गई जब पीएम मोदी को गाली देने वाले विवाद के बाद एनडीए ने पाँच घंटे का ‘बिहार बंद’ आयोजित किया। सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक चले इस बंद में भाजपा और जदयू के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे।बिहार बंद पीएम मोदी
राजधानी पटना सहित दरभंगा, समस्तीपुर, बेगूसराय, गया, दानापुर और बक्सर में बंद का असर दिखा। जगह-जगह टायर जलाकर सड़कें जाम की गईं, बाज़ार बंद रहे जिससे आम लोगों का जीवन प्रभावित हुआ।
महिला कार्यकर्ताओं की बड़ी भागीदारी
इस बंद में महिला कार्यकर्ताओं की सक्रियता खास तौर पर देखने को मिली। भाजपा महिला मोर्चा के लोग नारेबाजी करते रहे। गया और दानापुर में तोड़फोड़ और हंगामे के चलते थोड़ी देर तनाव की स्थिति बनी, हालांकि पुलिस ने हालात को संभाल लिया। बिहार बंद पीएम मोदी
एनडीए नेताओं का हमला
भाजपा नेता रवि शंकर प्रसाद ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी की मां का अपमान अस्वीकार्य है। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को माफी मांगनी होगी।”
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने इसे “हर भारतीय का अपमान” बताया और कहा कि जनता चुनाव में इसका जवाब देगी।
जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने महागठबंधन पर हमला बोलते हुए कहा कि “विचारधारा की लड़ाई लोकतंत्र में स्वीकार्य है, लेकिन किसी की मां को गाली देना नहीं।”
बीजेपी महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष धर्मशिला गुप्ता ने कहा, “बिहार की महिलाओं ने साबित कर दिया है कि मातृ सम्मान से कोई समझौता नहीं होगा।”
विपक्ष का पलटवार
राजद नेता तेजस्वी यादव ने बंद को “बेकार और भ्रामक राजनीति” बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा और जदयू असली मुद्दों जैसे – बेरोज़गारी, महंगाई और भ्रष्टाचार से भाग रही हैं।
कांग्रेस ने भी एनडीए पर आरोप लगाया कि यह मुद्दा असल समस्याओं से ध्यान भटकाने के लिए उछाला जा रहा है। बिहार बंद पीएम मोदी

विवाद की पृष्ठभूमि
यह विवाद 27 अगस्त को दरभंगा में महागठबंधन की वोटर अधिकार यात्रा के दौरान शुरू हुआ, जब एक व्यक्ति ने मंच से पीएम मोदी को गाली दी गई।
- वीडियो वायरल हुआ
- भाजपा-जदयू ने इसे चुनावी मुद्दा बना लिया
- आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया गया
- एनडीए का आरोप: विपक्ष ने जानबूझकर चुप्पी साधी
चुनावी असर | बिहार बंद पीएम मोदी
बिहार विधानसभा चुनाव नज़दीक है और इस घटना को अब एनडीए “मातृ सम्मान” से जोड़कर जनता में भावनात्मक अपील बनाने की कोशिश कर रहा है।
वहीं महागठबंधन इसे “राजनीतिक नौटंकी” बता रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद आने वाले दिनों में चुनावी रणनीतियों और प्रचार का अहम हिस्सा बनेगा। बिहार बंद पीएम मोदी
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