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आखिर क्यों है सिंगापुर भारत के लिए इतना खास? जानिए निवेश और व्यापार के बड़े राज़

आखिर क्यों है सिंगापुर भारत के लिए इतना खास

सिंगापुर

सिंगापुर के प्रधानमंत्री तीन दिवसीय भारत यात्रा पर है, ये यात्रा भारत के लिए काफी महत्वपूर्ण है इसमें 5 जरूरी समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इस द्विपक्षीय बैठक में व्यापार और निवेश को बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा । मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार नौवहन, सिविल एवीएशन, अंतरिक्ष क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए दोनों देशों के बीच 5 समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।

प्रधानमंत्री बनने के बाद लॉरेंस वांग का यह भारत का पहला दौरा है।
मोदी और वांग गुरुवार को एक साथ मिलेंगे और महाराष्ट्र के एक कंटेनर टर्मिनल का ऑनलाइन उद्घाटन करेंगेl बता दे की पोर्ट ऑफ सिंगापुर ऑथोरिटी ने इस परियोजना में 1 अरब डॉलर से भी ज्यादा का निवेश किया है। 2025 में भारत सिंगापुर में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) में सबसे बड़ा निवेशक के रूप में उभर कर आया है। उपलब्ध आँकड़ों के मुताबिक, सिंगापुर से भारत में 14.94 अरब डॉलर का निवेश आया है।

आधिकारिक आंकड़ा

अप्रैल 2000 से मार्च 2025 तक सिंगापुर से कुल 174.88 अरब डॉलर का एफडीआई आया है, ये भारत में आए कुल एफडीआई का 24% है। कोविड महामारी के बाद इसमें कुल 60 अरब डॉलर का निवेश हुआ है।

भारत और सिंगापुर के बीच व्यापार

रिपोर्ट्स की मानी तो दोनों देशों के द्विपक्षीय व्यापार में 2024- 25 में 6.7 अरब डॉलर से बढ़कर 2024- 25 में बढ़कर 34.26 अरब डॉलर हो गया है। वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान सिंगापुर, भारत का छठा सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर बना, जिसकी हिस्सेदारी 2.96% दर्ज की गई।

एक्ट ईस्ट नीति महत्वपूर्ण स्तंभ

वर्ष 2005 में भारत–सिंगापुर के बीच CECA यानी व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर हुए। मंत्रालय के मुताबिक, प्रधानमंत्री वोंग की यात्रा के संदर्भ में सिंगापुर, भारत की एक्ट ईस्ट नीति में केंद्रीय भूमिका निभाता है। देश के आंतरिक और व्यापारिक मामलों के जानकर बताते है की दोनों देश आपसी सहमति से भूमिगत जल केबल बिछाकर सौर ऊर्जा भेजने की तलाश कर रहे है,इस केबल का इस्तेमाल दोनों देश डेटा कनेक्टिविटी कर सकते है।

विदेश मंत्री से मुलाकात

13 अगस्त को नई दिल्ली में आयोजित भारत – सिंगापुर मंत्रीस्तरीय बैठक (आईएसएमआर) आयोजित की गई थी इस बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व एस. जयशंकर, निर्मला सीतारमण, पीयूष गोयल और अश्विनी वैष्णव ने किया; उन्होंने सिंगापुर की छह सदस्यीय मंत्रिस्तरीय टीम से बातचीत की।

 

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