PM मोदी बोलें “21वीं सदी की ताकत चिप में, भारत करेगा दुनिया पर राज”
दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राजधानी दिल्ली के यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर में सेमीकॉन इंडिया 2025 कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ किया। यह कार्यक्रम भारत का अब तक का सबसे बड़ा सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स शो माना जा रहा है। इसमें 33 देशों के 350 से अधिक ग्लोबल लीडर्स, टेक कंपनियां और स्टार्टअप्स हिस्सा ले रहे हैं। तीन दिन तक चलने वाले इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग का हब बनाना है। जिसमें, रिसर्च, इनोवेशन और नई टेक्नोलॉजी पर गहन चर्चा होगी

सेमीकंडक्टर: 21वीं सदी की ताकत
उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “21वीं शताब्दी की असली ताकत एक छोटी सी चिप में समाई हुई है। यह भले ही आकार में छोटी हो, लेकिन इसमें दुनिया की प्रगति को गति देने की क्षमता है।” उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में वैश्विक सेमीकंडक्टर बाजार 600 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है और आने वाले वर्षों में यह एक ट्रिलियन डॉलर के स्तर को पार कर जाएगा।
पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि भारत जिस गति से सेमीकंडक्टर सेक्टर में प्रगति कर रहा है, उसमें इस ट्रिलियन डॉलर इंडस्ट्री में भारत की बड़ी हिस्सेदारी तय है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि आज वैश्विक बाजार में सेमीकंडक्टर का कारोबार 600 अरब डालर तक पहुंच गया है अगले कुछ वर्षों में यह एक ट्रिलियन डॉलर को भी पार कर जाएगा l
मुझे विश्वास है कि जिस गति से भारत सेमी कंडक्टर क्षेत्र में प्रगति कर रहा है इस एक ट्रिलियन डॉलर के बाजार में भारत के महत्वपूर्ण हिस्सेदारी होने वाली है l
भारत की युवा शक्ति
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की युवा शक्ति और इनोवेशन इस आयोजन में स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा, “आज पूरी दुनिया भारत पर भरोसा कर रही है। भारत सेमीकंडक्टर के भविष्य को आकार देने के लिए तैयार है। वह दिन दूर नहीं जब भारत में बनी सबसे छोटी चिप दुनिया में सबसे बड़ा बदलाव लाएगी।”
निवेश और रिसर्च पर फोकस
- सेमीकॉन इंडिया 2025 में सेमीकंडक्टर चिप निर्माण, फैक्ट्रियों की स्थापना, नई तकनीक और रिसर्च, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में नवाचार, निवेश के अवसर और राज्य सरकारों की नीतियों पर अलग-अलग सत्र आयोजित होंगे। जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी बुधवार को होने वाली सीईओ राउंडटेबल में भी शामिल होंगे। इस आयोजन का मकसद भारत में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूती देना और विदेशी निवेशकों के लिए बेहतर माहौल उपलब्ध कराना है।