कुनार प्रांत में सबसे ज़्यादा तबाही, सैकड़ों घर मलबे में तब्दील | भूकंप के झटके दिल्ली-एनसीआर तक महसूस किए गए
अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में रविवार देर रात आए भूकंप ने भारी तबाही मचा दी। ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक मृतकों की संख्या 800 के पार पहुँच गई है, जबकि घायलों की संख्या 1500 से अधिक बताई जा रही है।स्थानीय लोगों का कहना है कि भूकंप के झटके इतने तेज़ थे कि पहाड़ों से बड़े-बड़े पत्थर टूटकर नीचे गिरने लगे और सैकड़ों घर मलबे में तब्दील हो गए। राहत और बचाव कार्य जारी है, लेकिन मलबे की वजह से चुनौतियाँ बढ़ गई हैं। अनुमान जताया जा रहा है कि आने वाले समय में मृतकों का आँकड़ा और बढ़ सकता है।

आंतरिक मामलों के मंत्रालय ने की पुष्टि
अफगानिस्तान के आंतरिक मामलों के मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल मतीन कानी ने सोमवार सुबह AFP से बातचीत में बताया कि कुनार प्रांत में आए इस भूकंप में अब तक लगभग 610 लोगों की मौत हो चुकी है और 1300 से 1500 लोग घायल हुए हैं। अधिकारियों का मानना है कि मृतकों का आंकड़ा और बढ़ सकता है क्योंकि राहत व बचाव दल अभी भी दूर-दराज़ के इलाकों तक पहुँच रहे हैं। इससे पहले अफगानिस्तान के राष्ट्रीय रेडियो और टीवी चैनलों ने पूर्वी नंगरहार प्रांत में नौ लोगों की मौत की सूचना दी थी।

कितनी थी भूकंप की तीव्रता?
अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण संस्था (USGS) के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 6.0 मापी गई, जिसे शक्तिशाली श्रेणी में रखा जाता है। भूकंप का केंद्र जलालाबाद से 27 किलोमीटर पूर्व और ज़मीन की सतह से लगभग 8 किलोमीटर गहराई में था। भारतीय समयानुसार यह झटके रात 12:47 बजे महसूस किए गए। भूकंप के कंपन दिल्ली-एनसीआर तक महसूस किए गए।
क्यों आ रहे हैं इतने भूकंप?
वैज्ञानिकों के अनुसार अफगानिस्तान और उसके पड़ोसी हिमालयी क्षेत्र भूकंपीय दृष्टि से बेहद संवेदनशील हैं। यहाँ लगातार भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के आपसी टकराव के कारण ज़मीन के भीतर हलचल होती रहती है। यही वजह है कि हाल के वर्षों में इस क्षेत्र में भूकंप की घटनाएँ बढ़ गई हैं।
